भागलपुर: ऊर्जा मंत्री के पैतृक गांव राघोपुर में गंगा नदी का भीषण कटाव जारी है, जिससे इलाके की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। कटाव की तीव्र चपेट में आने से करीब 100 साल पुराना ऐतिहासिक चैती दुर्गा मंदिर और हनुमान मंदिर का एक बड़ा हिस्सा गंगा की तेज धारा में समा गया। जिस स्थान पर मंदिर स्थित था, वहां अब नदी की तेज धार बह रही है। मंदिर के नदी में समाने का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ ही सेकंड के भीतर पूरा ढांचा धारा में विलीन होता नजर आ रहा है।
डीएम ने लिया हालात का जायजा
गंगा किनारे हो रहे भारी कटाव की सूचना मिलते ही भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे मंगलवार को स्थिति का जायजा लेने राघोपुर पहुंचीं। उन्होंने प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से कटाव की स्थिति, प्रभावित परिवारों और राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करें।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल
गंगा की तेज धार के कारण कटाव का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे तटीय इलाकों में बसे लोगों के बीच अपने घरों और उपजाऊ जमीन को लेकर गहरी चिंता फैल गई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटाव की रफ्तार यही रही, तो आने वाले दिनों में कई अन्य मकान और महत्वपूर्ण स्थल भी नदी में समा जाएंगे। कटाव से सबसे ज्यादा संकट उन परिवारों पर मंडरा रहा है जिनके घर नदी के बिल्कुल मुहाने पर हैं।
सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
प्रशासन की ओर से संवेदनशील और प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों से अपील की जा रही है कि वे ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर लोगों को संभावित खतरों के प्रति लगातार सतर्क किया जा रहा है।
Ganga erosion, Bihar Flood, Raghopur news, Raghopur flood, Bhagalpur news, Bhagalpur Flood, Bihar erosion